बीएलओ करेंगे ड्राफ्ट मतदाता सूची व एएसडीडीआर सूची का वाचन, जनभागीदारी पर जोर
संवाददाता — उरई/जालौन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर 18 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले विशेष मतदाता सूची शुद्धिकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक है। इसके तहत 18 जनवरी 2026 को सभी बूथ लेबिल अधिकारी (बीएलओ) अपने-अपने मतदान केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और संबंधित बूथ की ड्राफ्ट मतदाता सूची एवं एएसडीडीआर सूची का वाचन कर आम नागरिकों को जानकारी देंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को यह जानकारी मिल सके कि निर्धारित तिथि को बीएलओ मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी को ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव एवं पंचायत सहायकों के माध्यम से गांव-गांव प्रचार कराने के निर्देश दिए गए। ग्राम प्रधानों को ध्वनि विस्तारक यंत्रों से उद्घोषणा कराने के निर्देश भी दिए गए।
नगर क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के लिए अधिशासी अधिकारियों को वार्ड सभासदों एवं तैनात कार्मिकों के माध्यम से प्रत्येक वार्ड तक सूचना पहुंचाने के निर्देश दिए गए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी को बीएलओ की कार्यवाहियों का गहन अनुश्रवण करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि 18 जनवरी को बीएलओ सुबह 10:45 बजे से शाम 4:15 बजे तक अपने-अपने पोलिंग स्टेशनों पर उपस्थित रहेंगे। प्रत्येक बीएलओ को फॉर्म-6 व फॉर्म-7 की 50-50 प्रतियां, फॉर्म-8 की 100 प्रतियां तथा डिक्लेरेशन फॉर्म की 50 प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। सहायता के लिए प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर सहायक भी तैनात रहेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बीएलओ एवं आम नागरिकों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। महिला बीएलओ के लिए पेयजल एवं स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। राजनीतिक दलों के बूथ लेबिल एजेंटों (बीएलए) को पूर्व सूचना देकर कार्यक्रम में आमंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि यह अभियान मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन एवं जनता की संयुक्त सहभागिता से लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।