13 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जालौन उरई की अध्यक्षता में बैठक, अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण पर ज़ोर

संवाददाता (उरई/जालौन)

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) को सफल बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जालौन द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक का विवरण

  • तिथि: आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होगी।

  • अध्यक्षता: बैठक की अध्यक्षता प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, जालौन उरई श्री मनोज कुमार सिंह गौतम ने की।

  • उद्देश्य: राष्ट्रीय लोक अदालत को प्रचार और प्रभावी रूप से सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना।

दिए गए प्रमुख निर्देश

  • नोटिस की तामीला: ऐसे चिह्नित वादों (मामलों) में, जिनमें नोटिस की तामीला (delivery of summons) आवश्यक हो, तो एक से अधिक बार तामीला कराई जाए।

  • मध्यस्थता: पक्षकारों के मध्य सुलह वार्ता कराई जाए ताकि अधिक से अधिक पारिवारिक, वैवाहिक और भरण पोषण वादों का लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया जा सके।

  • अधिक से अधिक केसों का निस्तारण: प्रधान न्यायाधीश ने निर्देश दिए कि परिवार कल्याण अधिकारी और सदस्य मध्यस्थता को निर्देश दिए गए कि वह पारिवारिक, वैवाहिक और भरण पोषण वादों को अधिक से अधिक संख्या में चिह्नित करके प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) स्तर पर निस्तारण के लिए प्रेरणा दें।

उपस्थित अधिकारी

बैठक में नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत परिवार न्यायालय श्री प्रवीण कुमार पाण्डेय ने बताया कि परिवारिक/वैवाहिक और भरण पोषण वादों को अधिक से अधिक चिह्नित करके राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की श्रीमती पाल्लवी पंवार, प्रियंका द्विवेदी, सदस्य मध्यस्थता श्री विनोद प्रकाश व्यास, श्रीमती सुलेखा सिंह, सदर मुअसीम श्री काज़ी वसीम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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