कारागार निरीक्षण एवं विधिक शिविर का आयोजन –

“बन्दियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता” – अपर जिला जज पारुल पंवार

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती पारुल पंवार ने 23 सितम्बर 2025 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक निरीक्षण किया तथा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन कराया।

इस दौरान उन्होंने विभिन्न बैरकों का भ्रमण कर निरुद्ध बन्दियों से वार्ता की, उनकी समस्याओं को जाना और जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण में उन्होंने विशेष रूप से उन बन्दियों की सूची तैयार कर तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन को भेजने के निर्देश दिए जिन्हें न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, लेकिन जमानतदार उपलब्ध न होने के कारण रिहाई नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे बन्दियों के मामलों में प्रभावी पैरवी कर शीघ्र रिहाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

अपर जिला जज ने यह भी निर्देशित किया कि जिन बन्दियों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उनकी जमानत राज्य की ओर से जिला अधिकार प्राप्त समिति के माध्यम से कराई जाए। उन्होंने महिला बन्दियों, उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा व खानपान की स्थिति का भी जायजा लिया और स्पष्ट किया कि जिन बन्दियों का कोई निजी अधिवक्ता नहीं है, उन्हें अनिवार्य रूप से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

इसके उपरान्त आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में श्रीमती पंवार ने निःशुल्क विधिक सहायता और प्ली बार्गेनिंग विषय पर विचार साझा किए।
इस अवसर पर असिस्टेंट-प्रथम एलएडीसी अभिषेक पाठक ने संविधान के अनुच्छेद 39A, 14 और 22(1) का उल्लेख करते हुए बताया कि गरीब और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाना राज्य की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि प्ली बार्गेनिंग न्यायालयों में लंबी सुनवाई से बचाकर समय और संसाधनों की बचत करने के साथ अभियोजन पक्ष और आरोपी दोनों को राहत प्रदान कर सकती है।

शिविर में बड़ी संख्या में बन्दी उपस्थित रहे और विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

इस अवसर पर कारापाल प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल अमर सिंह व रामलखन, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक शुभम शुक्ला भी मौजूद रहे।

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