न अफवाह फैलाएं, न फैलने दें : एडीएम
सायरन की आवाज से न घबराएं, सुरक्षित स्थान पर रहें
संवाददाता
कानपुर देहात
जिलाधिकारी एवं नियंत्रक नागरिक सुरक्षा कोर, कानपुर देहात कपिल सिंह के निर्देशानुसार तथा अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा अमित कुमार के कुशल मार्गदर्शन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर दिनांक 23 जनवरी 2026 को सायं 06:00 बजे आयोजित होने वाली ब्लैकआउट मॉक ड्रिल को सफल बनाने के उद्देश्य से आज दूसरे दिन अकबरपुर महाविद्यालय, अकबरपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण नागरिक सुरक्षा कोर के स्वयंसेवकों, एनसीसी, पीआरडी, एनएसएस तथा महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को दिया गया। प्रशिक्षण लखन कुमार शुक्ला (मुख्य प्रशिक्षक, आपदा प्रबंधन) एवं अश्वनी वर्मा (आपदा विशेषज्ञ) द्वारा प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि ब्लैकआउट ऐसी स्थिति में किया जाता है जब किसी क्षेत्र में हवाई हमले की आशंका हो। इस दौरान नागरिकों को सरकारी सायरन, अलार्म, रेडियो अथवा टीवी के माध्यम से जारी दिशा-निर्देशों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि सायरन की आवाज सुनकर घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि तुरंत सुरक्षित स्थान—जैसे बंकर, तहखाना अथवा घर का सबसे मजबूत कमरा (बाथरूम या सीढ़ियों के नीचे)—में शरण लेनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि खिड़कियों एवं शीशों से दूर रहें, दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें तथा यदि संभव हो तो कांच पर टेप लगाकर संभावित क्षति को कम करें। पेट के बल जमीन पर लेटकर सिर को हाथों से ढकने, दीवार या किसी भारी वस्तु की आड़ लेने की भी सलाह दी गई।
प्रशिक्षण में आपातकालीन किट तैयार रखने पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक उपचार सामग्री, आवश्यक दवाइयां, टॉर्च, रेडियो, महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं पहचान पत्र शामिल हों। बच्चों, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की विशेष देखभाल करने तथा उन्हें मानसिक रूप से शांत रखने की अपील की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि खतरा समाप्त होने की आधिकारिक सूचना मिलने तक बाहर न निकलें और यदि सुरक्षित हो तो पड़ोसियों व अकेले व्यक्तियों की सहायता करें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन, यातायात पुलिस, विद्युत विभाग, अग्निशमन एवं आपदा सेवा, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन विभाग, शिक्षा विभाग एवं पीआरडी की टीमों द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक, एनसीसी 59 बटालियन के कैडेट, एनएसएस की टीम सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।