जिलाधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित, किसानों की समस्याएं सुनी गईं

किसान दिवस में कृषक हितकारी योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

संवाददाता
कानपुर देहात

किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कृषक हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से शासन के निर्देशानुसार जनवरी माह के तृतीय बुधवार को विकास भवन सभागार में किसान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में किया गया।

किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य, उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव, जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, पशु चिकित्साधिकारी, मत्स्य निरीक्षक, अधिशासी अभियंता सिंचाई, अवर अभियंता नलकूप, कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान, भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के मंडल अध्यक्ष रशीद अहमद आज़ाद सहित जनपद के 18 प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उप कृषि निदेशक द्वारा अधिकारियों, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों एवं प्रगतिशील किसानों के औपचारिक स्वागत के साथ किया गया। ग्राम कुड़नपुर, रनियां से आए प्रगतिशील कृषक सुंदर सिंह ने सब्जी उत्पादन, मछली पालन एवं मुर्गी पालन के साथ कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित करने की इच्छा जताई, जिस पर उप कृषि निदेशक ने एफपीओ गठन की प्रक्रिया एवं पंजीकरण संबंधी जानकारी दी।

ग्राम पतरासडवा, सरवनखेड़ा के कृषक डॉ. बाबू मिश्रा ने विद्युत आपूर्ति में बाधा के कारण सिंचाई समस्या उठाई, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत को तत्काल समाधान एवं की गई कार्यवाही से कृषक को अवगत कराने के निर्देश दिए। कृषक बाबू सिंह द्वारा आम का बाग लगाने की इच्छा व्यक्त करने पर जिला उद्यान अधिकारी ने बागवानी मिशन योजनांतर्गत अनुदान एवं ड्रिप इरीगेशन के लाभों की जानकारी दी।

इसके अतिरिक्त उद्यान विभाग द्वारा हाई-टेक नर्सरी, सब्जी पौध उत्पादन एवं अनुदान योजनाओं की जानकारी दी गई। ग्राम बरौर स्थित कृषक उत्पादक संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर राठौर ने खेत के बीच से गुजर रही विद्युत लाइन की समस्या रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को समाधान के निर्देश दिए।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीट नियंत्रण एवं 75 प्रतिशत अनुदान पर सोलर लाइट ट्रैप योजना की जानकारी दी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने मृदा परीक्षण, संतुलित उर्वरक प्रयोग, हरी खाद एवं समय पर सिंचाई के लाभ बताए। उप कृषि निदेशक द्वारा बीज मिनीकिट, जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बताते हुए किसानों से शीघ्र पंजीकरण कराने की अपील की। मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को संगठित होकर समूह में खेती करने, जैविक एवं सहफसली पद्धति अपनाने तथा नगदी फसलों के उत्पादन से आय बढ़ाने के सुझाव दिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी कपिल सिंह ने सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित किसान को अनिवार्य रूप से दी जाए। उन्होंने किसानों को संगठित होकर आधुनिक एवं तकनीकी खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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