संवाददाता — उरई/जालौन
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार सचिव (पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन श्रीमती शम्भवी प्रथम ने दिनांक 29 जनवरी 2026 को जिला कारागार उरई का साप्ताहिक भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने कारागार की विभिन्न बैरकों का निरीक्षण किया तथा वहां निरुद्ध बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और समझा। इस अवसर पर जेल प्रशासन के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उन बंदियों की स्थिति की समीक्षा की, जिनकी जमानत सक्षम न्यायालय से स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन जमानतगीर के अभाव में वे रिहा नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने ऐसे बंदियों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, जालौन को प्रेषित करने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए, ताकि प्रभावी पैरवी कर उन्हें शीघ्र रिहा कराया जा सके। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों की जमानत जिला अधिकार प्राप्त समिति जालौन के माध्यम से कराए जाने के निर्देश भी दिए गए।
सचिव ने कारागार चिकित्सालय में भर्ती बंदियों के संबंध में कारागार चिकित्साधिकारी से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदियों की मुकदमा पैरवी, दी जा रही विधिक सहायता एवं परामर्श, साथ ही महिला बंदियों एवं उनके साथ रह रहे बच्चों की चिकित्सा एवं खान-पान व्यवस्था का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने बाल कारागार में निरुद्ध बंदियों से भी अलग-अलग जानकारी प्राप्त की और जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि जिन बंदियों का कोई निजी अधिवक्ता नहीं है या जिनकी विधिवत पैरवी नहीं हो पा रही है, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए आवश्यकता पड़ने पर संबंधित न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि जो बंदी दोषसिद्ध हो चुके हैं और जिनकी अपील नहीं हो पाई है, उनके प्रकरणों में नियमानुसार जेल अपील दाखिल कराई जाए। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ समन्वय बनाकर मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि अपील की वैधानिक समय-सीमा समाप्त न होने पाए। यदि किसी प्रकरण में विधिक अड़चन उत्पन्न होती है, तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संज्ञान में लाकर माननीय उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति से आवश्यक पत्राचार किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला कारागार स्थित लीगल एड क्लीनिक का भी अवलोकन किया गया, जहां सभी पत्रावलियां संतोषजनक स्थिति में पाई गईं।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री नीरज देव, कारापाल श्री प्रदीप कुमार, चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल बर्मन, उपकारापाल श्री अमर सिंह एवं रामलखन, तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जालौन के लिपिक श्री शुभम शुक्ला उपस्थित रहे।