जिलाधिकारी ने पैदल चलकर परखी व्यवस्थाएं, सुदृढ़ीकरण के दिए निर्देश
संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद में हुई बारिश के उपरांत गौवंशों की सुरक्षा एवं गौशालाओं में उपलब्ध व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ग्राम पंचायत राहिया एवं चमारी स्थित गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी लगभग डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर गौशालाओं तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गौशाला तक पहुंचने के लिए वर्तमान में कच्चा मार्ग है, जिससे वर्षा के समय आवागमन में कठिनाई की संभावना रहती है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला तक पहुंच मार्ग को शीघ्र सुदृढ़ करते हुए खड़ंजा अथवा अन्य उपयुक्त निर्माण कार्य कराया जाए, ताकि किसी भी मौसम में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके।
राहिया गौशाला में भूसा, चोकर एवं हरे चारे के भंडारण हेतु स्थायी भूसा घर का निर्माण कार्य पूर्ण न होने पर जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। साथ ही गौवंशों के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि गौशाला के समीप ग्राम पंचायत की शासकीय भूमि पर नेपियर घास लगाई जाए, जिससे गौवंशों को नियमित रूप से हरा चारा उपलब्ध हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं में सभी मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्राथमिकता पर किया जाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गौवंशों का भरण-पोषण, सुरक्षा एवं समुचित देखभाल शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी एवं आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए व्यवस्थाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान चारे की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं गौवंशों की समग्र स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मनोज अवस्थी, जिला पंचायत राज अधिकारी राम अयोध्या प्रसाद, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।