हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान”: कानपुर देहात पुलिस ने सामूहिक वाचन कर मनाया संविधान दिवस

पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में ऐतिहासिक शपथ, पूरे जनपद के थानों और चौकियों पर पहुँचा संवैधानिक संदेश

कानपुर देहात, दिनांक 26.11.2025

भारतीय संविधान के अंगीकरण की 75वीं वर्षगांठ (संविधान दिवस) के उपलक्ष्य में, जनपद कानपुर देहात पुलिस ने इस वर्ष की थीम “हमारा संविधान, हमारा स्वाभिमान” के तहत पूरे जनपद में व्यापक एवं उल्लासपूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य पुलिस बल के प्रत्येक जवान को संविधान में निहित मूल्यों के प्रति पुनः प्रतिबद्ध करना था।

मुख्य कार्यक्रम: पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शपथ

  • नेतृत्व: पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में एक गरिमामयी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

  • शपथ: पुलिस अधीक्षक महोदया ने स्वयं संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया। समस्त उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक सुर में इसे दोहराते हुए संविधान के प्रति अपनी अटूट निष्ठा और देश की अखंडता एवं संप्रभुता की रक्षा करने की शपथ ली।

पुलिस अधीक्षक का संबोधन

पुलिस अधीक्षक महोदया ने अपने संबोधन में कहा:

“संविधान केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की जीवंत आत्मा है। इसमें निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांत प्रत्येक पुलिसकर्मी के लिए मार्गदर्शक स्तंभ हैं। हमारा कर्तव्य है कि हम अपने दैनिक कर्तव्यों के निर्वहन में इन आदर्शों को सदैव अग्रणी रखें।”

जनपद भर में संदेश का प्रसार

  • पुलिस लाइन: पुलिस लाइन में प्रतिसार निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस जवानों ने एक साथ खड़े होकर सामूहिक रूप से प्रस्तावना का वाचन किया, जिसने पुलिस बल की एकजुटता को प्रदर्शित किया।

  • समस्त थानों में आयोजन: इस अभियान को व्यापक बनाते हुए जनपद के समस्त थानों एवं चौकियों पर भी यह कार्यक्रम पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। प्रत्येक थानाध्यक्ष ने अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस कर्मियों के साथ मिलकर सामूहिक प्रस्तावना वाचन का कार्यक्रम आयोजित किया।

कार्यक्रम का महत्व एवं उद्देश्य

यह व्यापक आयोजन निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया गया:

  • पुलिस बल को उनके संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक करना।

  • नागरिकों के मौलिक अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना।

  • “सेवा, निष्ठा और करुणा” के पुलिस आदर्श वाक्य को संवैधानिक आदर्शों के साथ जोड़ना।

  • पुलिस-जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करना।

इस व्यापक आयोजन ने पुलिस बल की लोकतांत्रिक आदर्शों के प्रति वचनबद्धता को दोहराने का एक सशक्त माध्यम साबित किया है।

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