बाँदा की दीप्ति राजपूत ‘राष्ट्रीय शिक्षा सारथी सम्मान’ से सम्मानित: नवाचार, खेल और सशक्तिकरण में उत्कृष्ट कार्य

बाँदा/लखनऊ, 18 नवंबर। बाँदा जनपद की शिक्षिका दीप्ति राजपूत को उनके उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। 16 नवंबर 2025 को लखनऊ के होटल अंबार में आयोजित एक भव्य ‘राष्ट्रीय शिक्षा सारथी सम्मान समारोह’ में दीप्ति राजपूत सहित बाँदा के कुल 9 शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया।

🥇 शिक्षा सारथी सम्मान और राष्ट्रीय आधार सेतु सम्मान

दीप्ति राजपूत पुत्री सुभाष चंद्र राजपूत, जो बाबकरगंज, बाँदा की निवासी हैं और नौनी ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की शिक्षिका हैं, उन्हें उनके सराहनीय कार्यों के लिए विशिष्ट रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें नवाचार, खेल एवं सशक्तिकरण की प्रेरक के रूप में चिन्हित करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा सारथी सम्मान और राष्ट्रीय आधार सेतु सम्मान से नवाजा गया।

बाँदा जनपद के उनके आठ अन्य सहयोगी शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें रामकिशोर पाण्डेय, मीरा रविकुल, सविता देवी, इन्साफ अली, पवन कुमार तिवारी, चंद्रशेखर सेन, अर्चना गुप्ता, और प्रदीप बाथम शामिल हैं।

🗣️ ‘आनंदमय’ संकल्पना और भारतीय संस्कृति पर जोर

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय साहित्यकार परिषद के तत्वावधान में किया गया। परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. पवन पुत्र बादल ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें “%आनंदमय%” की संकल्पना को पूरा करने के लिए अपनी समृद्ध भारतीय परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे ऐसी संस्कृति को प्रोत्साहित करें जो भारतीय संस्कृति के मूल्यों को दुगुना करने वाली हो, न कि उसे क्षीण करने वाली।

📚 शिक्षकों की क्षमता निर्माण पर केंद्रित समारोह

यह कार्यक्रम ‘शिक्षक के शीर्षक’ पर आधारित था और इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की क्षमता निर्माण के लिए प्रयास करना था। समारोह में दिवास्वप्न संवाद, फूले हैं पलाश वन और हमारे शिक्षा सारथी नामक तीन पुस्तकों का विमोचन भी हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संरक्षक रामकिशोर पांडेय ने की।

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