साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से पीड़ित को मिली राहत, खाते में वापस आई ठगी की पूरी रकम
संवाददाता
कानपुर देहात।
दोस्ती के भरोसे को तोड़कर फोन-पे के माध्यम से ₹97,500 की साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना शिवली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की पूरी रकम वापस करा दी। खाते में पैसे वापस आने पर पीड़ित ने पुलिस का आभार जताया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिवली थाना क्षेत्र के ग्राम मरहमताबाद निवासी सूरज कुमार पुत्र रमेश कुमार के मोबाइल फोन से उनके दोस्त ने कथित तौर पर छलपूर्वक फोन-पे के जरिए ₹97,500 दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगी का पता चलने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई और थाना शिवली में लिखित तहरीर दी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मु0अ0सं0 240/2026 के तहत आईटी एक्ट की धारा 66(डी) में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद साइबर हेल्प डेस्क ने कार्रवाई करते हुए 23 अक्टूबर 2026 को पीड़ित के खाते में पूरी धनराशि ₹97,500 वापस करा दी। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित को आर्थिक राहत मिली।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। वहीं, खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराने के लिए CEIR पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका
पीड़ित की रकम वापस कराने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अमरेन्द्र बहादुर सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर अतुल कुमार और महिला कांस्टेबल प्रीति सोनकर शामिल रहीं। साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता से पीड़ित को ठगी की पूरी रकम वापस मिल गई।