मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तीकरण पर दिया जोर
संवाददाता
कानपुर देहात।
पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग और श्रम विभाग के समन्वय से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान एवं मिशन शक्ति फेज-6.0 के अंतर्गत बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाना ने संबंधित विभागों और गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से लोगों को जागरूक किया।
कार्यक्रम में नुक्कड़ नाटक और ‘बढ़ते बच्चों’ लघु फिल्म के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक विकास पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को प्रदर्शित किया गया। साथ ही बालिकाओं की शिक्षा, उनके अधिकारों, सुरक्षा और समान अवसरों के महत्व की जानकारी दी गई।
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाने तथा बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की गई।
पुलिस ने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर तत्काल स्थानीय पुलिस, संबंधित विभाग या प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।