पॉक्सो कानून को लेकर स्कूलों में चला जागरूकता अभियान

बच्चों को अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी प्रावधानों की दी गई जानकारी

संवाददाता
कानपुर देहात

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कानपुर देहात के मार्गदर्शन में पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और कानूनी परिणामों को लेकर 25 सितंबर से 1 अक्टूबर तक साप्ताहिक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा, उनके कानूनी अधिकारों तथा पॉक्सो कानून के प्रावधानों के प्रति जागरूक करना रहा।

अभियान के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में पॉक्सो अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। साथ ही यह भी बताया गया कि नाबालिग की सहमति को कानून में वयस्क की सहमति के समान नहीं माना जाता।

कई विद्यालयों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

निर्धारित रोस्टर के अनुसार 25 सितंबर को ब्राइट एंजेल एजुकेशन सेंटर, अकबरपुर, बालिका इंटर कॉलेज अकबरपुर और माउंटेन व्यू सिटी पब्लिक स्कूल में न्यायिक अधिकारियों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

28 सितंबर को जेके मिलेनियम स्कूल अकबरपुर में तथा 29 सितंबर को आरएस एजुकेशन सेंटर किशरवल रनियां, आदर्श जनता इंटर कॉलेज डोभा और श्री कृष्ण औद्योगिक इंटर कॉलेज मोहम्मदपुर में विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून की जानकारी दी गई।

इसी क्रम में 30 सितंबर को सीएचएस एजुकेशन सेंटर जैनपुर और जैन वर्ल्ड इंटरनेशनल स्कूल मलासा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के अंतिम दिन 1 अक्टूबर को न्यू लाइट एजुकेशन सेंटर अकबरपुर में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और बाल सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।

हेल्पलाइन नंबरों की भी दी जानकारी

इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नूपुर श्रीवास्तव ने सुन्दारा शिक्षण संस्थान इंटर कॉलेज, लालपुर मुरीदपुर में शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ बाल संरक्षण से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

अभियान के माध्यम से बच्चों को किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने, अपनी बात सामने रखने और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया गया।

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