संवाददाता
उरई/जालौन
उरई। बल्लम नगर चौकी क्षेत्र के निवासी संजय सिंह पुत्र ताहिर सिंह ने पुलिस अधीक्षक जालौन को प्रार्थना पत्र देकर बल्लम नगर चौकी इंचार्ज पर उनके प्रकरण में बार-बार गलत रिपोर्ट लगाए जाने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराए जाने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में संजय सिंह ने बताया कि वह नया पटेलनगर, उरई के निवासी हैं और स्वर्णकार स्वर्णेश सोनी की सराफा बाजार, उरई स्थित दुकान पर काम करते थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, सोनी द्वारा उनके नाम से बंधन बैंक में एक खाता खुलवाया गया था, जिसमें उनकी पुत्री नवीनवाला सोनी का मोबाइल नंबर 9516024832 दर्ज कराया गया था। आरोप है कि खाते के संचालन के लिए उनसे सात-आठ चेकों पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उन्होंने सोनी की दुकान पर काम करने से मना कर दिया। इसके बाद कथित रूप से उन पर काम करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि काम न करने पर उनके विरुद्ध यह शिकायत की गई कि 23 फरवरी 2025 को वह दुकान पर आए और 4 लाख 33 हजार 616 रुपये के जेवरात लेकर चले गए तथा बंधन बैंक के दो चेक दिए।
संजय सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में दावा किया है कि 23 फरवरी 2025 को वह उरई में मौजूद नहीं थे, बल्कि चित्रकूट में थे। उनके अनुसार, इस संबंध में उनके पास फोटो और सीसीटीवी फुटेज के रूप में साक्ष्य उपलब्ध हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने संबंधित साक्ष्य बल्लम नगर चौकी के अधिकारियों को भी उपलब्ध कराए, लेकिन इसके बावजूद आईजीआरएस पर उनके अनुसार सही रिपोर्ट नहीं लगाई गई।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि मामले को लेकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक से शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने न्यायालय की शरण ली। उनका आरोप है कि न्यायालय से जांच के लिए प्रकरण आने के बाद भी दोबारा उनके अनुसार गलत रिपोर्ट लगाकर भेज दी गई।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत किए जाने की बात कही है। आरोप है कि इस शिकायत पर भी बल्लम नगर चौकी इंचार्ज सत्यपाल सिंह द्वारा गलत रिपोर्ट लगाई गई, जिसके चलते उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल सका है।
संजय सिंह ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच बल्लम नगर चौकी से अलग किसी अन्य उच्चाधिकारी से कराई जाए तथा उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए फोटो, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।