संवाददाता
उरई/जालौन
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व क्षय रोग दिवस 2026 के अवसर पर विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद की टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया। इस अवसर पर 25 टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित कर उनके बेहतर स्वास्थ्य हेतु सहयोग प्रदान किया गया।
विनोद चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में टीबी मुक्त अभियान को जनआंदोलन का रूप दें तथा अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि “टीबी हारेगा, देश जीतेगा” की भावना के साथ कार्य करते हुए भारत को टीबी मुक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि जनपद में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। सीबी-नेट एवं ट्रू-नेट मशीनों के साथ माइक्रोस्कोपी केंद्रों के माध्यम से टीबी की सटीक जांच की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जनपद की 56 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया, जिनमें 3 को गोल्ड, 7 को सिल्वर तथा 46 ग्राम पंचायतों को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2026 से 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान के अंतर्गत जनपद की लगभग 3.15 लाख उच्च जोखिम वाली आबादी की व्यापक स्क्रीनिंग की जाएगी। इसमें एक्स-रे तथा संदिग्ध मरीजों की NAAT मशीन द्वारा जांच सुनिश्चित की जाएगी तथा टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को तत्काल उपचार से जोड़ा जाएगा।
जनपदवासियों से अपील की गई कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, बुखार, वजन में कमी या कमजोरी जैसे लक्षण हों तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर पहचान, पूर्ण उपचार और जनजागरूकता ही टीबी उन्मूलन का सबसे प्रभावी उपाय है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) प्रेमचंद मौर्य, एसीएमओ, ग्राम प्रधान एवं अन्य संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।