कानपुर देहात | 04 अप्रैल 2026
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी “मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026” के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को सुगम परिवहन सेवाओं से जोड़ना रहा।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक ब्लॉक एवं ग्राम पंचायत को ध्यान में रखते हुए विस्तृत एवं व्यवहारिक रूट चार्ट तैयार किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ब्लॉक, तहसील एवं जिला मुख्यालय से सीधे जोड़ा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना का उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुलभ, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधा पहुंचाना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीट क्षमता वाले डीजल, सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक वाहनों का संचालन निजी सहभागिता के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक में न्यूनतम दो वाहनों का संचालन सुनिश्चित किया जाए तथा हर ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आवेदन, चयन एवं वाहन उपलब्धता की प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएगी। योजना के अंतर्गत प्राप्त पांच आवेदनों की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा की जाएगी।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार ने कहा कि योजना के सफल संचालन के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने परिवहन विभाग, पंचायती राज एवं रोडवेज अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
बैठक में एआरएम रोडवेज एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत संचालित वाहनों को मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा-66 के तहत परमिट की अनिवार्यता से छूट दी गई है, जिससे संचालन में सुगमता आएगी और निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण विकास को गति देने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, एआरएम रोडवेज, जिला पंचायत राज अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाएं 13 अप्रैल 2026 से पूर्व पूर्ण कर ली जाएं।