कूटनीतिक संतुलन की कवायद: जापान ने चीन के साथ बढ़ते विवाद को शांत करने की कोशिशें तेज कीं

टोक्यो/एजेंसी, 18 नवंबर। जापान ने ताइवान को लेकर चीन के साथ तेज हो रहे विवाद को कम करने और चीन के साथ द्विपक्षीय वार्ता का माहौल बनाने का फैसला किया है। जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान की मुख्य विदेश मंत्रालय की अधिकारी और एशिया एवं ओशिनिया ब्यूरो की महानिदेशक मसाआकी कनाई इस सप्ताह चीन की राजधानी बीजिंग में अपने चीनी समकक्ष लिन जिनसोंग से मिलेंगी।

🇯🇵 प्रधानमंत्री किशिदा की टिप्पणी ने भड़काया था विवाद

दोनों देशों के बीच यह विवाद तब भड़का जब प्रधानमंत्री फुमिओ किशिदा ने सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की कि ताइवान पर चीनी हमला क्षेत्र में अस्थिरता और संघर्ष को जन्म दे सकता है।

  • चीन की प्रतिक्रिया: चीन ने इसे अस्वीकार्य बताया था और जापान की पिछली सरकारों से इस पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करने से बचने की मांग की थी, ताकि चीन को उकसाया न जाए।

  • जापान का रुख: अब जापान कनाई की बीजिंग यात्रा के माध्यम से प्रधानमंत्री किशिदा की टिप्पणी का स्पष्टीकरण देगा और जापान की सुरक्षा नीति में किसी भी बदलाव का खंडन करेगा।

🗺️ रणनीतिक शांति और संतुलन की अपील

कनाई की चीन यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ताइवान और चीन के बीच विवाद सात नवंबर को किशिदा की टिप्पणी के बाद भड़का हुआ है।

  • लक्ष्य: जापान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों देशों के बीच विवाद और नुकसान पहुँचाने वाले कदमों को टाला जाए।

  • अमेरिका से दूरी नहीं: जापान अमेरिकी सैन्य शक्ति का भी सबसे बड़ा केंद्र है, जो अमेरिका के लिए बाध्य है।

  • चीन से अपील: जापान ने चीन से आग्रह किया है कि वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए सैन्य शक्ति का उपयोग करने से बचे और एक पारस्परिक सम्मान का माहौल बनाए।

प्रधानमंत्री किशिदा का प्रयास है कि इस यात्रा से वह इस सप्ताह के अंत में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सीधे बात करने का माहौल बना सकें।

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