संवाददाता
उरई/जालौन
जनपद में अचानक बदले मौसम के चलते हुई बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) केके सिंह के नेतृत्व में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है।
इसी क्रम में सीडीओ के साथ डीसी मनरेगा एवं संबंधित अधिकारियों की टीम ने माधौगढ़ तहसील के मिझोना, कुदारी, गोहन सहित विभिन्न गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने खेतों में पहुंचकर फसल क्षति का जायजा लिया और किसानों से संवाद कर वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण गेहूं सहित अन्य फसलों को व्यापक नुकसान हुआ है। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रभावित किसान की फसल क्षति का पारदर्शी एवं सटीक सर्वे सुनिश्चित किया जाए, ताकि शासन स्तर से राहत दिलाने में किसी प्रकार की देरी न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे रिपोर्ट शीघ्र शासन को भेजी जाए, ताकि राहत वितरण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके और प्रभावित किसानों को जल्द आर्थिक सहायता मिल सके।